भस्मांगरागानुरागी पुरारी/डॉ मीना कौशल

भस्मांगरागानुरागी पुरारी,
अर्धांग गौरा हिमालय दुलारी।
वृषभ सिंह मूषक सदा संग गणपति-
शुभाशीष दर्शन सुकल्याणकारी।

वामांग जगदम्ब स्कन्दमाता।
एकदन्त अंके षडानन विधाता।
मोदक धतूरा लवंगीफलम् शुभ-
प्रभंजन व्यथा मुक्ति आनन्ददाता।

विनायक सहायक सदा विध्न हर्ता।
सुमंगल सुमोदक सुकल्याणकर्ता।
सौभाग्यस्वामिनि सुसौभाग्यदायिनि-
जगदन्नपूर्णा माँ ब्रह्माण्ड धर्ता..।

प्रथम पूज्य मंगल प्रदायक विनायक।
अमर ग्रन्थ सर्जक सुमंगल सहायक।
त्रिपुरारिनन्दन उमानन्द वर्धन-
वृकोदर गजानन गणाध्यक्ष नायक।
डा.मीना कौशल
उ.प्र.,गोण्डा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *