माँ तु साकार

माँ तु तो साकार
हर पल तु चिंता करें तेरा प्यार अपरम्पार

हर वक्त तारीफ तु मैरी करें
दुनियां से ज्यादा तु प्यार रोज करें

तेरे हाथों की डांट
कर दे मुझे रोज ठाट बाट

तेरे चरणों की आहट को रोज नीहारु
चौखट में बैठ आज भी इंतजार करूं

भविष्य हम बच्चों का कैसा हो
रोज तेरा दिमाग तेरे अपने से चर्चा करे

जितना छिपाता हूँ झूठ को मैं
अपने आंखों से रोज तु पकड़े

एक दिन भी देर से आऊं
तु घड़ी घड़ी इंतजार रोज मैरा करे

रूठ जाऊं कभी तुझसे तो
जबरदस्ती खाना तु रोज खिलाये

माँ तु तो साकार
हर पल चिंता करे तेरा प्यार अपरम्पार

धन्य हूँ मैं आज राम भगत
तेरा गुणगान का मौका जो मिला

मौलिक अप्रकाशित
राम भगत किन्नौर
9816832143

प्यार प्यार नहीं ..

सच है प्यार प्यार नहीं
सिर्फ सौदा है
झूठे कसमों का एक घरौंदा है

बहुत कोशिश की थी
प्यार को समझूं सोचूं देखूं

पर यंहा भी खेल है
विशवास का क्रोध का शक का

यंहा भी तोला जाता है रोज
ईमान स्वाभिमान ओर दिल के जज्बात को

यंहा देखा जाता है
रोज गुणगान बस उनकी मान

प्यार अब प्यार नहीं
कसमें वादे इरादे का जाल बना है

सच है प्यार अब प्यार नहीं
सिर्फ सौदा है
झूठे कसमों का घरौंदा है

मौलिक अप्रकाशित
राम भगत किन्नौर
9816832143