*महामारी और प्रकृति*
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कोरोना वायरस ने कैसा इतिहास रच डाला ।
पूरी दुनिया को लाॅकडाउन कर डाला ।।
इंसा को इंसानियत का अहसास करा डाला ।
बाहरी दूरियां बढाकर, घर को ही कैद बना डाला ।।
देखो प्रकृति ने ये कैसा कहर बरपा डाला ।
धरा पर मानव कुछ नहीं, प्रकृति ने यह बता डाला।।
अब तक जो न हो पाया वह सब करवा डाला ।
कोरोना ने सबका जीवन अधर कर डाला ।।
जीवन का सही अर्थ बताकर, सबको जीना सीखा डाला ।
चीन से रवाना होकर पूर्ण विश्व का घेरा कर डाला ।।
भीड़-भाड़ को बना हथियार, सम्पर्क को ही निशाना बना डाला
घर पर रहना,बार बार हाथ धोना सबको सीखा डाला ।।
मास्क लगाना,हाथ जोड़ना, ये अच्छा सबक सीखा डाला ।
न जाति न धर्म सबको मानवता का पाठ पढा डाला ।।
अमीर-गरीब का मिटा भेद सबको समरूप बना डाला ।
पर्यावरण शुद्ध हुआ, प्रकृति ने हमें स्वच्छता का संदेश दे डाला ।
संतुलन सीखा संस्कृति का सबको भाईचारा सीखा डाला ।
रक्तबीज कोरोना ने ये कैसा ला-इलाज रोग फैला डाला ।।
ये कैसी महामारी आई, चारों ओर हा हाकार मचा डाला ।
हारेगा कोरोना, जीतेगा हिन्दुस्तान ऐसा कर्मवीरों ने बता डाला ।

स्वरचित-रामचन्द्र स्वामी अध्यापक बीकानेर, राजस्थान ।मो-9414510329