रोज़ नहीं आते है

रोज़ नहीं आते वो लोग
जो समाज को आईना दिखा कर जो जाते हैं
***
कितने बार वो मिटे होगें
कितनी ठोकरें खाई होगी
***
सहित्य जगत में नई क्रांति के लिये
दर्द और आंसू भी सहे होगें
***
टूट गया एक सितारा आसमां से
अब दर्शन नहीं होगें कभी उनके
***
कहां कोई फिर लौट कर आया है
जब कोई परमात्मा के द्वार गया हो
***
सूना हो गया सहित्य एक नूर के जाने से
कौन आया है वापिस मौत से लड़ कर
***
आओ संजोए उनके दर्द खुशी के नग़मों को
करें सलाम हम सब उनके लेखनी के ज़ज़्बों को
***
शत शत नमन सहित्य जगत के सितारे स्वर्गीय श्री पीयूष
गुलेरी जी को 🙏🌹

राम भगत नेगी किन्नौर

रिश्ते

रिश्ते तो बनते है
पल में चलते चलते
***
जो संभाले रिश्ते
वही तो जाने रिश्ते की डोर
***
जो तोड़े रिश्ते की डोर
वो क्या जाने रिश्तों की छोर
***
तोड़ना मरोड़ने छल कपट
धोखा फरेब लोग क्या जाने
***
माता शबरी के झूठन बैर
प्रभु श्री राम ने खाये थे
***
भक्त सुधमां मुठ्ठी भर चावल
भगवान श्री कृष्ण के द्वार पर गये थे
***
रिश्ते बनना तो आता है सबको
निभाना आया नहीं किसी को
***
जो रिश्ते को निभा पाया ठीक से
वही तो खुदा का बंदा कहलवाया
***
मौलिक अप्रकाशित
राम भगत किन्नौर
9816832143

खूबसूरत हिमाचल की ये मनमोहक तस्वीरें