करगिल विजय

करगिल विजय के वीरों को नमन
देश के रखवालों को नमन

जिस शान से लड़ी है करगिल युद्ध
आज भी सबकी आंख भीगती है खुद ब खुद

खून की होली से करगिल आजाद हुवा
एक नौजवान देश के लिये शहीद बन खुद आबाद हुवा

जहां पक्षी तक उड़ने के लिये सोचे
जंहा हवा भी सांस लेने को ना मिले

वहां मेरे नौजवानों का लहू बहा है
दुश्मनों को गोलियों से भून कर आज तिरंगा खड़ा है

ऐसे वीर जवानों को नमन
उनके माँ बाप उनके परिवारों को नमन

करगिल विजय के वीरों को नमन
देश के रखवालों को नमन

राम भगत अभिनंदन करें करगिल वीरों का देश के वीरों का हम मिल कर सम्मान करें मिल कर उन्हें याद करें

जय हिंद मौलिक अप्रकाशित
राम भगत किन्नौर
9418242143