.©”नमन रंणबांकुरों”
.
.
दो दशक हो गया पर,वह मंज़र याद है।
हर एक ज़ख़्म याद है,हर खंज़र याद है।।
.
.
नमन करते धरा को,इस पावन उर्वरा को।
कारगिल की चोटियों का,हर बवंडर याद है।।
.
.
हिंद में हो अमन हरदम,दमन करते शत्रु का।
बलिदान जो हो गये,उनके घर समंदर याद है।।
.
.
भारत की मिट्टी में जो जन्मा,वो स्वयं चट्टान है।
रंणबांकुरों ने सुला दिये,सारे सिकंदर याद है।।
.
.
हिंद ऋषियों की धरा,तप साधना पे है ख़रा।
देश हित में दान दधिचि का,अस्थि पंजर याद है।।
.
.
पंडित अनिल कुमार शर्मा
अहमदनगर महाराष्ट्र
8968361211

कारगिल विजय दिवस/सुरेश भारद्वाज निराश