पर उपदेश/पं अनिल

🙏पर उपदेश 🙏

गली गली नुक्कड़ नुक्कड़ पे बँटता ज्ञान विशाल।
बाँटने वाला मिला जो था वो अंदर से कंगाल।।

सबने शिक्षा त्याग तपस्या की अद्भुत दे डाली।
शहर शहर में बंगले गाड़ी है खुद की ले डाली।।
बड़ा बेढंगा नाटक है ये फैला माया जाल।
बाँटने वाला • • •

सच्चे ज्ञान से लेना देना अब है किसका भाई।
मानवता है मरी मरी सी दानवता है आई ।।
समझ नहीं आयेगा प्यारे धूर्त ढोंग का चाल।
बाँटने वाला • • •

दया धरम की बातों का अब खिल्ली लोग उड़ाते।
तार तार लाचार हो गये छूटे रिश्ते नाते।।
दान पट्टिका नाम लिखे घर बूढ़े हुवे कंकाल।
बाँटने वाला • • • •

मन का पाप दुखी कोई हमसे आगे नहि जाये।
दूजे का सुख देखे दूजा निज दिल आग लगाये।।
पर उपदेश का जिसे देखये ठोक रहा है ताल।
बाँटने वाला • • • •

🙏 सुप्रभातम् 🙏
🌹 पं अनिल 🌹
अहमदनगर महाराष्ट्र
📞 8968361211

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